इस समय पेट्रोल की कीमतें पूरे भारत में 100 रुपये लीटर के उप्पर या फिर इसके आस-पास हैं। जिस वजह से कई लोगों का बजट डगमगा जाता है। अब ऐसे में आम आदमी के पास केवल एक ऑप्शन रह जाता है, कि वह अपनी कार में अलग से सीएनजी किट लगवा ले जिससे कि थोड़ी बहुत राहत तो जरूर मिल जाती है। लेकिन वहीं, बाहर से सीएनजी किट को गाड़ी में लगवाने के कुछ नुकसान भी होते हैं। चलिए बताते हैं आपको कि बाहर से सीएनजी किट को अपनी गाड़ी में लगवाने का आपको क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बूट स्पेस खत्म हो जाना

बाहर से कार में सीएनजी किट लगवाने की सबसे बड़ी समस्या है, कि आपकी कार में सामान रखने के लिए जगह बिल्कुल ही खत्म हो जाती है। वहीं, कंपनी से सीएनजी किट पहले से लगी कार में कुछ इस तरह से सेटिंग की जाती है, कि कार में आपके पास सामान रखने के लिए थोड़ी बहुत जगह बच जाती है। लेकिन वहीं, बाहर से सीएनजी किट फिट कराने पर ऐसा नहीं होता। और फिर ऐसे में लंबी यात्रा पर जाते वक्त आपको सामान रखने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सुरक्षा पर होता है खतरा

कंपनी द्वारा कार में सीएनजी लगाते वक्त सुरक्षा का पूरे तरीके से ध्यान रखा जाता है। लेकिन अगर आप बाहर से सीएनजी किट को गाड़ी में लगवाते हैं, तो आपके लिए इस बात को खास ध्यान में रखना काफी जरूरी हो जाता है, कि आप जिस भी जगह से अपनी कार में सीएनजी किट लगवा रहे हैं, वो सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का पूरी और सही तरह से पालन करें। नहीं तो ऐसे में फिर सीएनजी किट लगने के बाद आपको और आपकी फैमिली के लिए सुरक्षा का खतरा हो सकता है।

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वारंटी हो जाती है खत्म

आपको बता दें कि कंपनी की तरफ से कुछ शर्तों के साथ कार पर आपको वारंटी दी जाती है। और अगर ऐसे में आप अपनी कार में बाहर से सीएनजी लगवा रहे हैं। तो ऐसा करने पर कंपनी द्वारा दी गई वारंटी खत्म हो जाती है। दरअसल, सीएनजी को कार में फिट करते समय कुछ वायर्स को काटना पड़ता है। और ऐसा करते ही कंपनी द्वारा दी गई वारंटी वहीं खत्म हो जाती है।

इंजन पर पड़ता है असर

वहीं, बाहर से कार में सीएनजी लगवाने पर कार के इंजन पर भी काफी बुरा असर पड़ता है। क्योंकि पेट्रोल इंजन वाली कारों को पेट्रोल से चिकनाहट मिलती है, लेकिन वहीं, सीएनजी गैस होती है और यह से सूखी होती है। जिसकी वजह से इंजन को उसकी जरूरत के हिसाब से चिकनाहट नहीं मिल पाती है। और अंत में इसका नतीजा ये आता है कि कार के इंजन के पार्ट्स काफी जल्दी-जल्दी घिसने लगते हैं। और इससे इंजन की लाइफ पर असर होता है और इंजन की लाइफ कम हो जाती है और कार का रखरखाव भी बढ़ जाता है।

पावर भी हो जाती है कम

बता दें कि पेट्रोल कारों को खास तरीके से ट्यून किया जाता है। जिस वजह से इंजन से ज्यादा ताकत मिलती है। और अगर आप कार में बाहर से सीएनजी को लगवाते हैं, तो कार को सीएनजी पर चलाते वक्त आपको ये फर्क जरूर महसूस होगा। क्योंकि सीएनजी पर कार चलाते टाइम पेट्रोल के मुकाबले में पावर काफी कम हो जाती है जिसकी वजह से इंजन पर लोड बढ़ जाता है।

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