आग की घटनाओं के बाद इलेक्ट्रिक स्कूटर रिकॉल: केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि देश में नागरिक जितना हो सके इलेक्ट्रिक वाहनों को स्वीकार करें और उनका उपयोग करें। केंद्र की ओर से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. लेकिन दूसरी तरफ देश भर में कई जगहों पर लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं।  इससे लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। नतीजतन, केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दी है। सरकार ने संसद को सूचित करते हुए कहा है कि आग की घटनाओं को देखते हुए विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण कंपनियों ने 6000 से अधिक ई-स्कूटर वापस मंगवाए हैं। 

Ev on Fire

भारी उद्योग राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि अप्रैल महीने में वाहन निर्माण कंपनियों द्वारा 6,000 से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटरों को वापस मंगाया गया है. सरकार के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है। गुर्जर ने कहा कि मार्च में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में ई-स्कूटर में आग लगने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा जिन कंपनियों के ई-स्कूटर में आग लग गई उन्हें सरकार ने नोटिस जारी किया है।

यह भी पढ़े:- Ola Electric रिप्लेस कर रही है अपने S1 स्कूटर को S1 Pro में अपग्रेड

E-Scooters Fire Case

गुर्जर ने इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की घटनाओं के बाद कंपनियों ने कुल 6,656 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को वापस मंगाया है। इसमें ओकिनावा कंपनी ने 16 अप्रैल तक 3,215 स्कूटरों को रिकॉल किया था। 21 अप्रैल तक, प्योर ईवी कंपनी के 2,000 ई-स्कूटर वापस बुला लिए गए थे। साथ ही 23 अप्रैल तक ओला इलेक्ट्रिक कंपनी ने 1,441 ई-स्कूटर को रिकॉल किया था।

ई-वाहन की बिक्री में कमी नहीं..

इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने की घटनाओं के बाद ई-स्कूटर की बिक्री में कमी आई है? यह सवाल लोकसभा में गुर्जर से पूछा गया था। गुर्जर ने कहा कि मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक ई-स्कूटर की बिक्री में कोई गिरावट नहीं आई है।

यह भी पढ़े: – सिर्फ 85 हजार में घर लाएं Hyundai Venue पॉपुलर SUV, जानिए कैसे

आग की घटनाओं की जांच के लिए केंद्रीय विशेष समिति

इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की लगातार घटनाओं के बाद, केंद्र सरकार ने इन घटनाओं की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की और पता लगाया कि इन मामलों में कौन दोषी है। समिति ने आग की घटनाओं की जांच की, इलेक्ट्रिक स्कूटरों का भी निरीक्षण किया और केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद ही केंद्र ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की।

Latest Posts:-

Devansh Shankhdhar

देवांश शंखधार मोटर राडार में कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत है। इनको 2 साल का ऑटोमोबाइल न्यूज़ राइटिंग का अनुभव है। साथ ही इन्होंने एंटरटेनमेंट व टेक जैसी बीट पे भी काम किया है।